Shri Aadinatham Natanakinatham (Hindi Lyrics) Jain Thoy


श्रीआदिनाथं नतनाकिनाथं,
लक्ष्मीसनाथं कृतपापमाथम् । 
संवेगतान्यत्कृतहे महीरं,
संसार-दावानल-दाह-नीरम्  ॥१॥

निर्वाण-योषिद्-वनबद्धरागं,
स श्रीकलालङ्गह शाखिनागम् । 
संस्तौमि सन्नाशित-कर्म-वीरं,
संमोहधूलीहरणे समीरम् ॥२॥

विसार-दोन्दीत गुणत्यतान,
मीडे वृषाङ्क विगताऽभिमानम् । 
सद्ब्रह्मशस्त्रायहताशरीरं,
माया-रसादा-रण-सार-सीरम् ॥३॥

कल्याणकन्दौघकदम्ब-कल्पं,
सद्-वाञ्छितार्थेकविधानकल्पम् । 
आदि-प्रभु-पुण्य-शमाम्र-कीरम्,
नमामि वीरं गिरिसारधीरम् ॥४॥

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