Updhan Ma Mali Jashe Maro Aatma (Hindi Lyrics) Jain Song



तर्ज: (परमात्मा बनी जाशे मारो आत्मा) 

खोवाई गयो छे मारो निर्मळ आत्मा,
उपधानमां मळी जाशे मारो आत्मा...
सौनी भेगो पण छे जुदो मुज आत्मा,
उपधानमां मळी जाशे मारो आत्मा...

जिनवाणीने सुणता सुणता दूर थशे अज्ञान,
गुरु जयन्तनी जन्मभूमिमां पामशुं आतमज्ञान,
प्रमादभावथी दूर रहीने, उपायोगमांहे चित्त धरीने,
अधिकार सूत्रनो पामशे मारो आत्मा...

शोभी रह्या मधुकर वीर छे,
जे नित्यसेन सूरीजी धीर गंभीर छे,
अनुभवाशे निपुणताथी मारो आत्मा...
उपधानमां मळी जाशे मारो आत्मा...

Rachna: Muniraj Shri Nipunratna Vijayji M. S.

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